झांसी : बुन्देलखण्ड की मिल्क प्रोडक्शन कंपनी बलिनी के साथ जुड़कर काम करने वाली महिलाओं ने आज झांसी के रामगढ़ में जोरदार प्रदर्शन करते हुए विरोधी कंपनी का पुतला फूंक दिया। महिलाओं का कहना था कि यह बलिनी एक ऐसी कंपनी है जिसने बुन्देलखण्ड की महिलाओं को आत्म निर्भर बनाकर आज लखपति तक बना दिया। ऐसे में आज जब कंपनी के खिलाफ साजिश रची जा रही है इसीलिए उन्हे मैदान में उतरना पड़ा।
रविवार को सैंकड़ो महिला कर्मचारियों ने रक्सा के ग्राम रामगढ़ में एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया, उन्होने काला फीता बांधकर पहले जमकर नारेबाजी की और बाद में विरोधी कंपनी के चेयरमैन का पुतला जलाया। उन्होने उत्तर प्रदेश सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही की मांग की है। बलिनी से जुड़ी महिला किसानों एवं कंपनी के कर्मचारियों ने मांग करते हुए उक्त प्रकरण की तत्काल निष्पक्ष जांच कराकर बलिनी की पहचान को सुरक्षित रखे जाने की बात कही। उन्होने बताया कि करीब 7 वर्षों से बलिनी ने बुन्देलखण्ड के सात जिलों से करीब 1410 गांव में 96000 महिला सदस्यों से प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध खरीदकर उन्हे रोजगार दिया। यहां तक कि करीब 25 हजार महिलाओं को लखपति दीदी का का खिताब दिलवाया। लेकिन जब बलिनी कंपनी अपनी कामयाबी की तरफ बढ़ रही है तब राजस्थान का पायस कंपनी किसानों को कंपनी के विरोध में खड़ा करके कंपनी को नुकसान पहुंचा रही है। हालांकि पायस कंपनी भी एनडीडीबी डेयरी कंपनी के द्वारा ही संचालित की गई है। लेकिन राजस्थान में कंपनी बिफल रही और अब उसे कंपनी के कुछ लोग बुन्देलखण्ड में खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं। जिससे किसानों में आपस में मतभेद भी हो रहा है। नाराज महिला सदस्यों ने कहा कि एनडीडीबी में बैठे लोग लाखों रुपए की सैलरी लेते हैं जबकि कंपनी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे लोगों पर कार्यवाही होनी चाहिए। बलिनी से जुड़ी महिला किसानो ने कहा कि बलिनी कंपनी के किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बलिनी की महिला डेयरी किसानों एवं कर्मचारियों ने माननीय मुख्यमंत्री से इस साजिश का पर्दाफाश करवाने की मांग की है।
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रिपोर्ट – नवीन विश्वकर्मा झांसी
बलिनी मिल्क प्रड्यूसर कंपनी की महिलाओं जोरदार प्रदर्शन, काली पट्टी बांध कर फूंका एनडीडीबी का पुतला।
